| Sr.No. | Title Of The Paper | Author’s Name | Page No. | Download |
| 1 | Teaching Through Mother Tongue: A Pathway to Cultural Integration, Cognitive Growth and Revitalization of Indian Knowledge Systems | Prof. Masood Ahmad Malik | 09 | 01-min |
| 2 | Shakespeare in the 21st Century: Relevance, Retellings, and Resistance | Dr. Amol Uttamrao Patil | 12 | 02-min |
| 3 | Preservation and Promotion of Indian Languages: NEP 2020 Vision and Roadmap | Dr. Narendra V. Pathak | 17 | 03-min |
| 4 | Use of Technology in Preserving Mother Tongue and Local Dialects | Dr. Neha Narendra Pathak | 19 | 04-min |
| 5 | Use of Technology in Promoting Mother Tongue in Local Dialects | Babita Laxman Wadile | 22 | 05-min |
| 6 | लेवा गणबोली : काल, आज आणि उद्या | प्रा. व. पु. होले | 28 | 06-min |
| 7 | आधुनिक भारतीय भाषांच्या विकासात मराठी बोलीभाषेचे योगदान | प्रा. आल्हाद बी. भावसार | 32 | 07-min |
| 8 | राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण २०२० : भारतीय भाषा व बोलीभाषांचे महत्त्व | डॉ. माधुरी संजय पाटील | 38 | 08-min |
| 9 | खानदेशातील अहिराणी बोली | डॉ. मोरेश्वर संतोष नेरकर | 40 | 09-min |
| 10 | राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण आणि आदिवासी बोली | डॉ.प्रदीप औजेकर | 43 | 10-min |
| 11 | नाशिक जिल्ह्यातील आदिवासी कोकणा जमातीची बोली: एक शोध | डॉ.मधुचंद्र लक्ष्मण भुसारे | 46 | 11-min |
| 12 | अहिराणी बोलीचा पृथगात्म अविष्कार : सोनू आजी (कथा) | डॉ.योगिता आशुतोष पाटील | 50 | 12-min |
| 13 | भिलोरी बोलीभाषेतून प्रतिबिंबित होणारी लोकसंस्कृती | प्रा.डॉ.राजविरेन्द्रसिंग रुबजी गावित | 54 | 13-min |
| 14 | राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण आणि भटक्या विमुक्तांच्या बोली | प्रा.डॉ.संभाजी बाबाराव सावंत | 59 | 14-min |
| 15 | खानदेशातील आदिवासी समुदायाच्या बोलीभाषेचे जतन व संवर्धन | दिनेश वसंतराव बोरसे डॉ.फुला मोतीराम बागुल | 63 | 15-min |
| 16 | मराठी कादंबरीतील बोली भाषा | प्रविण शांताराम चांदसरे प्रा.डॉ. जितेंद्र शामसिंग गिरासे | 65 | 16-min |
| 17 | आदिवासी कोकणा जमातीच्या लोकसाहित्य सादरीकरणावर पडलेला आधुनिकतेचा प्रभाव | प्रा. कोकणी प्रमोद बापु प्रा. डॉ. सुनिल भावराव देसले | 68 | 17-min |
| 18 | संस्कृत काव्य व सूत्रग्रंथातील भाषाशैलीचा तुलनात्मक अभ्यास | प्रा. डॉ. गायकवाड पंडित बाबुराव | 73 | 18-min |
| 19 | नवीन शैक्षणिक धोरण 2020 -मराठी भाषेचे संवर्धन आणि संधी | प्रा. डॉ. प्रशांत मल्लिकार्जुन लगडे | 75 | 19-min |
| 20 | प्राकृत भाषेचे आधुनिक भारतीय भाषांना योगदान | प्रा. डॉ. बाळासाहेब गणपाटील | 79 | 20-min |
| 21 | भौगोलिक परिस्थितीचा बोलीभाषेवरील परिणाम : एक भाषा शास्त्रीय अभ्यास | प्रा. पंजाबराव ओंकार व्यास डॉ. संजीव कोळपे | 83 | 21-min |
| 22 | अहिराणी बोलीतील स्त्री-गीतांचे योगदान | प्रा. भाग्यश्री रामचंद्र पाटील | 87 | 22-min |
| 23 | खानदेशातील मायबोली अहिराणी एक दृष्टीक्षेप …….. | प्रा अशोक भिमसिंग गिरासे प्रा.डॉ.जितेंद्र शामसिंग गिरासे | 91 | 23-min |
| 24 | प्राकृत भाषा आणि शिक्षण : नवीन शैक्षणिक धोरणाच्या संदर्भात एक अभ्यास | प्रा. महावीर सुरेश पाटील | 95 | 24-min |
| 25 | विचारप्रक्रिया व बोलीभाषेतील संबंध : एक मानसशास्त्रीय अभ्यास | प्रा. वैशाली चंद्रशेखर पाटील प्रा. डॉ. राधिका पाठक | 98 | 25-min |
| 26 | शिक्षणशास्त्रीय दृष्टीकोनातून प्राकृत साहित्याचा अभ्यास | प्रा. स्वाती महावीर पाटील | 103 | 26-min |
| 27 | राष्ट्रीय शिक्षण धोरण 2020 आणि शालेय व महाविद्यालयीन शिक्षणाचे विश्लेषण | डॉ. मंगेश भावराव पाटील | 106 | 27-min |
| 28 | खानदेशी बोली अहिराणीतील आत्मचरित्रे | प्रा.सूर्यवंशी राहुल गुणवंत प्रा .डॉ .पुष्पा यशवंत गावित | 109 | 28-min |
| 29 | शेतकऱ्यांच्या आत्महत्या : आर्थिक कारण मिमांसा | प्रा. शरद माधवराव पाटील प्रा.डॉ. सुदाम राठोड प्रा.डॉ. जितेंद्र तलवारे | 111 | 29-min |
| 30 | राष्ट्रीय शिक्षण धोरण २०२० मध्ये भारतीय भाषा व बोलीभाषांचे महत्व... | अविनाश काशिनाथ पाटील | 115 | 30-min |
| 31 | प्राकृत जैन ग्रंथातील अपरिग्रहाचे स्वरूप | सौ.पल्लवी मंजीत बागी डॉ.आर.टी. पाटील | 118 | 31-min |
| 32 | राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरणात भारतीय भाषा आणि बोली भाषांचे महत्त्व | सोनाली मुर्डेश्वर | 121 | 32-min |
| 33 | राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरणाच्या परिप्रेक्ष्यात : भाषाविषयक परिस्थिती | डॉ. अमोगसिद्ध शिवाजी चेंडके | 123 | 33-min |
| 34 | राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरणात भारतीय भाषा आणि बोली भाषांचे महत्त्व | निलेश देविदास पाटील प्रा.डॉ.मनिषा अनिल कचवे | 127 | 34-min |